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दानगढ़ - जयपुर का मÍ=दर

जयपुर मंÍदर क| ये स¯ची घटना है | जयपु र का मंÍदर, जयपुर महाराजा ने बनाया


था इसिलये Íक राधा रानी वहाँ पर आ जाँय | ÷ी जी को तो वो ले आये ले Íकन
÷ी जी दसरे ू ह| Íदन अपने मंÍदर के शयन म अपने आप पहं च

गई | सब समझ
गये Íक ÷ी जी वह|ं रहना चाहती ह |

÷ी जी जयपुर मंÍदर से चली गयीं 4य|Íक राजा को अपने राजपने का मद था |
Íजसके अंदर अहं कार होता है ÷ी जी उसक| सेवा नह|ं लेती ह | तब वहाँ पर दसरे ू
ठाकु र जी पधारे गये | उनका नाम है कु शल Íबहार| जी | हम उस मं Íदर म भी
üणाम करने ज³र जायगे 4य|Íक वो मंÍदर ÷ी जी के िलए ह| बना था |